Monday, April 20, 2009

Zinda hai mujhme aaj bhi...

3 comments:

M.A.Sharma "सेहर" said...

जितनी मायूसी से ये शख्स याद करता हैं मुझे
उतनी शिद्दत से तो मैंने उसे चाह भी नहीं ..i read it somewere .


यादों का अद्भुत सुन्दर संसार सजाया आपने !!!!

आप के लेखन को नए आयाम मिलें
साधुवाद !!!!!

अल्पना वर्मा said...

bahut khuub!

sakhi with feelings said...

bhaut sunder ahsaas bahre hai apne shabdo mein